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मेरी पत्नी सुमन जैन का विश्व की भयानक महामारी कोविड-१९ के संक्रमण से विजेता के रूप में अपने आत्मबल एवं परिवार के पूर्ण सहयोग से ख़ुशियाँ प्रदान कर रही हैं!

13th.April 2021 को प्रथम बार मेने एवं सुमन जैन ने कोविड-१९ का कानपुर में टेस्ट कराने पर ज्ञात हुआ कि हम दोनों कोविड पोजेटिब है।इसके पश्चात हम दोनों अपने कमरे अलग परिवार से दूर रहने का प्रयास किया।और इसके लिये मैडीकल ट्रीटमेंट शुरू कर दिया।मुझे कोविड का पोजेटिब असर कम था,क्योंकि में कोवेक्सीन का प्रथम इन्जेक्शन प्रयागराज में लगवाकर कानपुर आया था।मेरी पत्नी सुमन चट जैन ने कोविड का टीका नहीं लगवाया था,इसकी वजह से इनको इस संक्रमण का बहुत भंयकर असर हुआ, जिसकी बजह से शुरू में तो घर पर ही मेडीकल ट्रीटमेंट शुरू किया गया किन्तु इस संक्रमण से घर पर इलाज से कोई सुधार नहीं हो रहा था।फिर बड़े प्रयास और शिफारिस के द्वार इनको चाँदनी नर्सिंग होम में भर्ती करवाया गया।तारीख़ २५/४/२०२१ को श्री महवीर जंयन्ती बाले दिन चाँदनी नर्सिंग होम में भर्ती करवा दिया।इस नर्सिंग होम को सरकार की तरफ़ से कोविड की मान्यता मिली हुई थी।इनको इस कोविड संक्रमण की बजह से बहुत पीड़ा थी ,जिसकी बजह से मुझे एवं पूरे परिवार को इनके संक्रमण की पीड़ा एवं कठिन दौर से गुज़र रहीं थी,इस कठिन दौर में मेडीकल ट्रीटमेंट एवं ईश्वर की प्राथना के अतिरिक्त कोई उपचार नहीं था।अन्तोगत्वा ईश्वर ने एवं उपयुक्त मेडीकल ट्रीटमेंट के उपाय के द्वारा इस संक्रमण से ठीक होना शुरू हो गया।और नर्सिंग होम से इनको तारीख़ ३/०५/२०२१ को घर पर ले आये।सुमन की जिद्द की वजह से ,इनको नर्सिंग होम से शीघ्र तारीख़ ०३/०५/२०२१ को डिसचार्ज कराके ,घर पर ही नर्सिंग की पूरी व्यवस्था का प्रबन्ध किया गया और २४ घंटे के लिये दो नर्सिंग सिस्टर्स की रहने एवं खाने की वयवस्था की गई।इस व्यवस्था को ठीक प्रकार से चलाने के लिये संक्रमण जैसे वातावरण में मेरे पुत्र विक्रम जैन,पुत्र वधू सीमा जैन एवं मेरी सर्वगुण स्मपन्न नातिन वेदिका जैन के साहस पूर्ण सहयोग की वजह से ही घर पर सफलता पूर्ण नर्सिंग एवं आक्सीज के भरे हुये सिलेन्डरो का बराबर नियमित मरीज़ के लिये इस कठिन कार्य का प्रबन्ध होना एक बड़े चेलेन्ज से कम नहीं था।अगर आधी रात्रि में आक्ससीजन सिलेण्डर समाप्त होने पर,उसी समय दूसरा आक्सीजन भरा हुआ बदलने के मुश्किल कार्य को करना ,यह ईश्वर एवं इन आग्याकारी बच्चों की साहस के कारण ही मुमकिन हो सका।इसी प्रकारप्रयागराज में रह रही दोनों बेटियों के परिवार के प्रतेक सदस्य केअथक प्रयासों एवं केलिफोरनियाँ अमेरिका में निवास कर रही छोटी बेटी गौरी की पूजा पाठ के परिणाम स्वरूप ही आज इन सबकी मम्मी सुमन जैन अपने साहस के कारण इस कोविड की महामारी संक्रमण से विजेता के रूप में हम सबके साथ पूर्णरूपेण स्वस्थ हो गई हैं।

,मेरी पत्नी सुमन जैन कोविड-१९ की महामारी के महासंक्रमण पर विजय प्राप्त कर तारीख़ ०३/०५/२०२१ को अपने जन्म दिन के शुभावसर पर चाँदनी नर्सिंग होम से छुट्टी प्राप्त कर, अपने सिविल लाईन्स निवास स्थान पर साँयकाल सकुशल पहुँच गई।अपने बच्चे विक्रम,सीमा एवं प्यारी बेटी वेदिका जैन के अथक एवं स्नेहपूर्ण प्रयासों की वजह से घर पर ही पूर्ण नर्सिंग की व्यवस्था करके ,आगे के इलाज के द्वारा पूर्ण रूप से स्वस्थ करा दिया।

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By jagdishjain

89 years old, I am MA in History, have always been interested in politics so in the old fashioned style have been to Jail, while involved in political protests. Have studied law from Agra. Was a law secretary and was so involved in the union that didn't pass my exam. A strong follower of Jainism and have been interested in all religious discourse. Have been married since 1957; my wife has been very lucky for me who is also quite a writer and poet
Interests Reading History, writing about my family history, taking part in local politics

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