में एवं मेरी पत्नी बहुत भाग्यशाली हैं कि हम अपनी दोनो बेटियों आरती गुप्ता एवं कविता अग्रवाल एवं दोनों दामादों के साथ इस यात्रा की शुरूबात इलाहाबाद (प्रयागराज ) ब्रह्मरौली एेरोड्रम से तारीख २४ दिस्मबर २०१९ को न्यू देहली के लिये रवाना हुये।यहाँ पहुँच कर प्रिय बेटी संजना अग्रवाल (जैन) के दिल्ली कालका जी निवास स्थान पर पहुँच कर रात्रि विश्राम किया।अब प्रात: ५ बजे तारीख २५ को न्यू देहली ऐरोड्रम के लिये रवाना होकर केरल की राजधानी तिरुवनन्तपुरम ३घंटे की हवाई यात्रा Vistara Air Flight के द्वारा करीवन प्रात: १० बजे अपने मुक़ाम पर पँहुच गये।यहाँ से हम सभी लोग पहले से निश्चित स्थान (UDS) Uday Samudra Hotel पहुँच गये। This is a Leisure Beach Hotel and it means rising Sun n Sea.It has Ocean Spa,Ayur Ashram and Swimming Pools.This City is called the land of Gods and Coconuts.यह शहर समुद्र के किनारे बसे होने के साथ बहुत सी बिशेषताओं के लिये प्रसिद्ध है।२५ दिसम्बर क्रिश्चियनों का बहुत महत्वपूर्ण दिवस होने की वजह से यहाँ पर बहुत रौनक़ थी । इस समुदाय के बहुसंख्यक लोगों के निवास की बजह से पूरे शहर दुल्हन की तरह से सज़ा हुआ था और रंग बिरंगी रोश्नियों से जगमगा रहा था।कुछ समय इस होटल के कमरे में आराम करने एवं दोपहर का भोजन करने के पश्चात,हम सब लोग पद्मनाभस्वामी जी के मन्दिर के दर्शन करने के लिये रवाना हो गये।यह मन्दिर भारत के केरल राज्य के तिरूवनन्तपुरम में —–रूप में विराजित भगवान यहाँ पर “पद्मनाभस्वामी”के नाम से विख्यात हैं।भारत के प्रमुख वैष्णव मन्दिरों में शामिल,यह ऐतिहासिक भगवान विष्णु का मन्दिर है।सन १७३३ई.में इस मन्दिर का पुनर्निर्माण त्रावनकोर के महाराजा ‘मार्तंड वर्मा’ने करवाया था।मान्यता है कि सबसे पहले इस स्थान पर विष्णु भगवान की प्रतिमा प्राप्त हुई थी,इसके पश्चात उसी स्थान पर इस मन्दिर का निर्माण किया गया है।इस प्रतिमा में भगवान विष्णु शेषनाग पर शयन मुद्रा में विराजमान हैं।मान्यता है कि ‘तिरूवनंतपुरम’
नाम भगवान के ‘अनंत’नामक नाग के नाम पर ही रखा गया है।यहाँ भगवान विष्णु की विश्राम अवस्था को”पद्मनाभ”कहा जाता है।