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जैन धर्म के चौबीस तीर्थंकरों के जन्म स्थानों का विवरण:——-

अयोध्या नगरी:— पाँच –  ( ५ ) जैन तीर्थंकरों का जन्म स्थान है:—-

—————-(१)श्री रिश्भदेव ( श्री आदि नाथ ) जी भगवान   ( २ ) श्री अजितनाथ जी भगवान  (४ ) श्री अभिनन्दन जी भगवान
                     ( ५ ) श्री सुमितनाथ जी भगवान।    ( १४ ) श्री अनन्तनाथजी भगवान
 वाराणसी नगरी:—-चार –(४) जैन तीर्थंकरों का जन्म स्थान है:—-
                      ( ७ ) श्री सुपाशर्वनाथ जी भगवान  ( ८ ) श्री चन्द्रप्रभु जी भगवान ( वारांणसी नगरी से ११ कि.दूरी पर चन्द्रपुरी )
                       सारनाथ से २कि.की दूरी पर)।  ( ११ )  श्री श्रयान्सनाथ जी भगवान।  ( २३ ) श्री पार्श्वनाथ जी भगवान
हस्तिनापुर नगरी:–तीन– (३) जैन तीर्थंकरों का जन्म स्थान हैं:—
                      (१६) श्री शान्तिनाथ जी भगवान।  (१७) श्री कुन्थुनाथ जी भगवान (१८) श्री अरिनाथ जी भगवान
कम्पिल (फरखाबाद):—- जैन तीर्थंकर का जन्म स्थान है:—
                      (१३) श्री विमलनाथ जी भगवान
कौशाम्बी नगर —- ( जनपद के करारी परगना,मुख्यालय मंझनपुर यु.पी. में स्थित है- इलाहाबाद जनपद के दक्षिण-पश्चिम से ६३कि.)
                     ( ६ )वें तीर्थंकर श्री पद्मप्रभु जी का जन्म स्थान है । 
 श्रावस्ती नगर — ( जनपद-बहराइच- उत्तर प्रदेश )
                    ( ३ ) वें तीर्थंकर श्री सम्भवनाथ जी का जन्म स्थान है ।
शौरीपुर नगर ( बाह-तहसील ज़िला – आगरा )
                   ( २२ ) वें तीर्थंकर श्री नेमिनाथ जी का जन्म स्थान है ।
राजगृह नगर —( बिहार प्रान्त )
                 ( २० ) वें तीर्थंकर श्री मुनिसुब्रतनाथ जी का जन्म स्थान है ।
कुन्डलपुर नगर —- ( ज़िला वैशाली- बिहार प्रान्त ) 
                  ( २४ )  वें तीर्थंकर श्री महावीर स्वामी जी का जन्म स्थान है ।
काकन्दी नगर—
                 (९) वें तीर्थंकर भगवान सुविधिनाथ जी या ( पुष्पदन्त जी)
भदि्दलपुर नगर —-
                (१०)वें तीर्थंकर भगवान शीतलनाथ जी ।
चम्पा नगरी—-
               (१२)वें तीर्थंकर भगवान वासुपूज्य जी ।
रत्नपुर नगरी—–
              (१५)वें तीर्थंकर भगवान धर्मनाथ जी ।
मिथिला नगरी—–
             (१९) वें तीर्थंकर भगवान मल्लिनाथ जी ।
             (२१)वें तीर्थंकर भगवान नमिनाथ जी ।
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By jagdishjain

89 years old, I am MA in History, have always been interested in politics so in the old fashioned style have been to Jail, while involved in political protests. Have studied law from Agra. Was a law secretary and was so involved in the union that didn't pass my exam. A strong follower of Jainism and have been interested in all religious discourse. Have been married since 1957; my wife has been very lucky for me who is also quite a writer and poet
Interests Reading History, writing about my family history, taking part in local politics

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